छत्तीसगढ़ शासन · जशपुर जिला

डिजिटल - जशपुर

निर्माण जशपुर पोर्टल

जिला प्रशासन की डिजिटल पहल — योजनाओं, परियोजनाओं एवं सेवाओं की वास्तविक समय में निगरानी व पारदर्शी जानकारी एक ही मंच पर।

निर्माण जशपुर संबंधी

निर्माण जशपुर पोर्टल जिला प्रशासन की एक अनोखी पहल है, जिसका उद्देश्य जिले का डिजिटलीकरण और सशक्तिकरण करना है। यह पोर्टल जिले की जनसंख्या को जोड़कर, योजना निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करता है और उन्हें वास्तविक समय में डेटा तक पहुंच प्रदान करता है। साथ ही, यह पोर्टल निम्न सुविधाएं प्रदान करता है:

प्रारंभिक प्रस्ताव से लेकर स्वीकृतियों, कार्यान्वयन और अंतिम रिपोर्टिंग तक परियोजनाओं की निगरानी करता है।

फ़ील्ड टीम प्रत्येक चरण में जियो-टैग्ड फोटो और इंजीनियरों की टिप्पणियां अपलोड करती है।

GIS मानचित्रों पर रंग कोड (जैसे, प्रस्तावित के लिए पीला, चल रहे के लिए हरा, और पूर्ण के लिए नीला) के माध्यम से परियोजनाओं को दर्शाया जाता है।

विभिन्न विभागों से डेटा को एकत्रित करता है, जिससे मैन्युअल हस्तक्षेप कम होता है और निर्णय लेने की प्रक्रिया सुगम होती है।

यह पोर्टल डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने, प्रक्रियाओं को तकनीक के माध्यम से डिजिटल करने, पारदर्शिता बढ़ाने और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने में मदद करता है।

छत्तीसगढ़  ·  जिला परिचय

जशपुर जिला

छत्तीसगढ़ के उत्तर-पूर्वी छोर पर, झारखंड एवं ओडिशा राज्यों की सीमा से लगा यह पहाड़ी एवं वनाच्छादित जिला 25 मई 1998 को रायगढ़ जिले से अलग होकर अस्तित्व में आया। शीतल जलवायु, चाय बागान, मनोरम जलप्रपातों एवं समृद्ध जनजातीय संस्कृति के लिए यह जिला अपनी विशिष्ट पहचान रखता है।

22.89°N, 84.14°E स्थापना: 25 मई 1998 ~900 मीटर ऊंचाई जनसंख्या 8,51,669 रायगढ़ से नवगठित जिला छत्तीसगढ़ का एकमात्र चाय बागान
5,838
वर्ग किमी कुल क्षेत्रफल
~120 किमी
रायगढ़ से दूरी
~400 किमी
रायपुर (राजधानी) से दूरी
785
गांवों की संख्या
8
विकासखंड (ब्लॉक)
8
तहसीलें
4
उपसंभाग (सबडिविजन)

विस्तृत जानकारी

भौगोलिक स्थिति
Location & Geography
  • छत्तीसगढ़ के उत्तर-पूर्वी छोर पर, झारखंड व ओडिशा राज्यों की सीमा से लगा जिला
  • छोटानागपुर पठार के दक्षिणी छोर पर बसा पहाड़ी व वनाच्छादित भू-भाग
  • समुद्र तल से औसतन ~900 मीटर की ऊंचाई, शीतल जलवायु
  • मुख्यालय जशपुरनगर, रायगढ़ जिले से लगभग 120 किमी दूर
22.89° उत्तरी अक्षांश 84.14° पूर्वी देशांतर
कृषि एवं उपज
Agriculture & Produce
  • धान जिले की मुख्य फसल, साथ ही मक्का व कोदो-कुटकी की परंपरागत खेती
  • कनक चाय एस्टेट, सन्ना — छत्तीसगढ़ का एकमात्र चाय बागान
  • शीतल जलवायु में संतरा, कॉफी व अन्य बागवानी फसलों की खेती
  • सघन वन क्षेत्र व जल संसाधनों से समृद्ध पहाड़ी कृषि क्षेत्र
उद्योग एवं वन संसाधन
Industry & Forest Resources
  • बॉक्साइट सहित कुछ लघु खनिज भंडार उपलब्ध
  • चाय प्रसंस्करण उद्योग (कनक टी एस्टेट, सन्ना)
  • तेंदूपत्ता, महुआ व साल बीज जैसी लघु वनोपज का संग्रहण प्रमुख आर्थिक गतिविधि
  • ईब नदी का उद्गम जिले के पंडरापाठ क्षेत्र से
प्रशासनिक विवरण
Administrative Details
  • 25 मई 1998 को रायगढ़ जिले से पृथक होकर नवगठित जिला बना
  • जिला मुख्यालय: जशपुरनगर
  • 4 उपसंभाग, 8 विकासखंड एवं 8 तहसीलें
  • 2011 की जनगणना: जनसंख्या 8,51,669, लगभग 785 ग्राम, बड़ी जनजातीय आबादी

प्रमुख आकर्षण एवं स्थल

कैलाश गुफा
प्राकृतिक गुफा एवं ट्रैकिंग स्थल · बगीचा
रानी दाह जलप्रपात
मनोरम झरना, मानसून में विशेष आकर्षण
दुमरपानी जलप्रपात
घने जंगलों के बीच स्थित झरना
कुनकुरी गिरजाघर
क्राइस्ट राजा चर्च · छत्तीसगढ़ के भव्यतम गिरजाघरों में शुमार
कनक चाय बागान
सन्ना · छत्तीसगढ़ का एकमात्र चाय बागान

जशपुर — पहाड़ों, झरनों एवं चाय बागानों की धरती

शीतल जलवायु, सघन वनों, चाय बागान एवं समृद्ध जनजातीय संस्कृति का अनूठा जिला

1998
स्थापना वर्ष
8
विकासखंड
5,838
वर्ग किमी क्षेत्रफल
8.52 L
जनसंख्या

जिले के बारे में

जशपुर जिला छत्तीसगढ़ के उत्तर-पूर्वी छोर पर, छोटानागपुर पठार के दक्षिणी भाग में बसा एक पहाड़ी एवं वनाच्छादित जिला है, जो 25 मई 1998 को रायगढ़ जिले से अलग होकर अस्तित्व में आया। झारखंड एवं ओडिशा राज्यों की सीमा से लगा यह जिला अपनी शीतल जलवायु, सघन वनों एवं बड़ी जनजातीय आबादी के लिए जाना जाता है। जिला मुख्यालय जशपुरनगर के निकट स्थित सन्ना गांव में छत्तीसगढ़ का एकमात्र चाय बागान 'कनक टी एस्टेट' स्थित है। इसके अलावा कैलाश गुफा, रानी दाह व दुमरपानी जलप्रपात एवं कुनकुरी का प्रसिद्ध गिरजाघर जिले के प्रमुख पर्यटन आकर्षण हैं।

प्रमुख संसाधन

  • धान (चावल) प्रमुख फसल
  • चाय (कनक टी एस्टेट) विशिष्ट उपज
  • तेंदूपत्ता / महुआ वन उत्पाद
  • बॉक्साइट खनिज
  • संतरा / बागवानी फसलें द्वितीयक उपज